सोमवार 26 अक्टूबर 2026 - 19:16
पटना में मरहूम हाफिज मौलाना फरमान अली की 150वें जन्म दिन पर भव्य संगोष्ठी का आयोजन

पटना में मरहूम हाफिज मौलाना फरमान अली की 150वें जन्म दिन पर भव्य संगोष्ठी का आयोजन

किता ‘तारीख मदरसा सुलेमानिया, पटना’ का भारत में वली-ए-फकीह के प्रतिनिधि, विद्वानों और बुद्धिजीवियों के हाथों होगा विमोचन

बिहार की राजधानी पटना में आगामी 1 नवंबर 2026, रविवार को हाफिज मौलाना सैयद फरमान अली रहमतुल्लाह अलैह की 150वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम मदरसा सुलेमानिया, नवाब बहादुर रोड, पटना सिटी में सुबह 9 बजे से आयोजित होगा। इसका आयोजन मजलिस-ए-उलेमा व खुतबा-ए-इमामिया बिहार और मोमिनीन-ए-अज़ीमाबाद के तत्वावधान में किया जा रहा है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार की राजधानी पटना में आगामी 1 नवंबर 2026, रविवार को हाफिज मौलाना सैयद फरमान अली रहमतुल्लाह अलैह की 150वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम मदरसा सुलेमानिया, नवाब बहादुर रोड, पटना सिटी में सुबह 9 बजे से आयोजित होगा। इसका आयोजन मजलिस-ए-उलेमा व खुतबा-ए-इमामिया बिहार और मोमिनीन-ए-अज़ीमाबाद के तत्वावधान में किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन आयतुल्लाह डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही, भारत में वली-ए-फकीह के प्रतिनिधि, दिल्ली से शिरकत करेंगे।

संगोष्ठी में सम्मानित अतिथियों के रूप में प्रसिद्ध शोधकर्ता, लेखक एवं प्रचारक हुज्जतुल इस्लाम मौलाना इब्ने हसन अमलवी वाइज़, अमलो, आजमगढ़; हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सैयद तक़ी हैदर नकवी, दिल्ली; जामिया नाज़मिया, लखनऊ के प्राचार्य हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सैयद फरीदुल हसन तथा बिहार शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष इरशाद अली आज़ाद के शामिल होने की संभावना है।

कार्यक्रम में मौलाना सैयद रज़ी हैदर जैदी फंदेड़वी, दिल्ली; मौलाना ज़ीशान हैदर रजितवी, दिल्ली; मौलाना सैयद मुहम्मद ज़करिया; मौलाना सैयद नज़र अली; मौलाना सैयद मुज़फ्फर रज़ा; मौलाना मुहम्मद मुस्लिम; मौलाना शमशाद अली; मौलाना सैयद तसव्वुर महदी; मौलाना डॉ. सैयद मासूम रज़ा वाइज़; मौलाना सैयद इतरत हुसैन; मौलाना सैयद दिलबर हुसैन; मौलाना सैयद शब्बीर महदी; मौलाना सैयद हुसैन अहमद; मौलाना सैयद हैदर महदी; मौलाना सैयद दिलदार हुसैन; मौलाना सैयद समर अब्बास; मौलाना सैयद उरूज हसन; मौलाना सैयद इकराम अब्बास; मौलाना कर्रार हुसैन अज़हरी, मुबारकपुर; मौलाना हसन अख्तर, मुबारकपुर तथा मौलाना काज़िम हुसैन, घोसी सहित कई अन्य विद्वान उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम का संचालन हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सैयद तहज़ीबुल हसन, इमाम जुमा, रांची, झारखंड करेंगे। रसूल अहमद गोपालपुरी नात प्रस्तुत करेंगे, जबकि समापन भाषण और धन्यवाद ज्ञापन हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सैयद असद रज़ा रिज़वी गोपालपुरी, मदरसा सुलेमानिया, पटना के पूर्व प्राचार्य, द्वारा किया जाएगा।

पटना में मरहूम हाफिज मौलाना फरमान अली की 150वें जन्म दिन पर भव्य संगोष्ठी का आयोजन

कार्यक्रम के संयोजक और मदरसा सुलेमानिया, पटना के पूर्व प्राचार्य हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सैयद अमानत हुसैन रिज़वी गोपालपुरी ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि संगोष्ठी के दौरान हाफिज सैयद फरमान अली रहमतुल्लाह अलैह की जीवनी पर आधारित एक विशेष वृत्तचित्र प्रदर्शित किया जाएगा। इसे दिल्ली स्थित इंटरनेशनल नूर माइक्रोफिल्म सेंटर ने आधुनिक तकनीक की सहायता से तैयार किया है।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘तारीख मदरसा सुलेमानिया, पटना’ नामक पुस्तक का विमोचन होगा। प्रसिद्ध शोधकर्ता, लेखक और प्रचारक हुज्जतुल इस्लाम मौलाना इब्ने हसन अमलवी वाइज़ द्वारा लिखित इस पुस्तक का प्रकाशन इंटरनेशनल नूर माइक्रोफिल्म सेंटर, ईरान कल्चर हाउस, दिल्ली ने किया है। इसका विमोचन भारत में वली-ए-फकीह के प्रतिनिधि हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही तथा अन्य विद्वानों और बुद्धिजीवियों की उपस्थिति में किया जाएगा। इस अवसर पर हाफिज मौलाना फरमान अली की कुछ अप्रकाशित हस्तलिखित रचनाओं को भी विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले मौलाना इब्ने हसन अमलवी वाइज़ द्वारा लिखित ‘तारीख जामिया जवादिया, बनारस’ का बनारस में तथा ‘तारीख वसीका अरबी कॉलेज, फैजाबाद’ का फैजाबाद में भव्य विमोचन हो चुका है।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने भारत के प्राचीन शिया मदरसों के इतिहास पर कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखी हैं। इनमें ‘तारीख मदरसतुल वाइज़ीन, लखनऊ’ तीन खंडों में, ‘तारीख मदरसा सुल्तानुल मदारिस व जामिया सुल्तानिया, लखनऊ’ तीन खंडों में, ‘तारीख जामिया बाबुल इल्म, बडगाम, कश्मीर’, ‘तारीख मदरसा बाबुल इल्म, मुबारकपुर’ तथा ‘तारीख मंसबिया अरबी कॉलेज, मेरठ’ दो खंडों में शामिल हैं।

इन पुस्तकों का प्रकाशन इंटरनेशनल नूर माइक्रोफिल्म सेंटर और ईरान कल्चर हाउस के तत्वावधान में किया गया है। ये कृतियां भारत में शिया धार्मिक शिक्षण संस्थानों के इतिहास को सुरक्षित रखने के साथ-साथ शोधार्थियों और इतिहासकारों के लिए महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं शोधपरक सामग्री उपलब्ध करा रही हैं।

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